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आचार संहिता

  • प्रत्येक विद्यार्थी — प्राचार्य षिक्षकों, कर्मचारियों और अपने सहपाठियों से सालीन एवं विनम्र व्यवहार करेंगे।
  • प्रत्येक विद्यार्थी अपना ध्यान महाविद्यालय द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अंतर्गत अपने विद्या अध्ययन में लगायेंगे साथ ही महाविद्यालय द्वारा आयोजित /अनुमोदित गैर ष्षैक्षणिक कार्यक्रमों में पूर्णतः सहयोग करें।
  • म्हाविद्यालय अर्थात भवन, पुस्तकालय, प्रयोगषाला,छात्रावास आदि में ष्षांति ,सुरक्षा एवं स्वच्छता बनाये रखने में सभी विद्यार्थी ष्रूचि रखते रहेंगे। महाविद्यालय की सम्पत्ति अर्थात भवन साज सज्जा , विद्युत व्यवस्था,उपकरण आदि को किसी भी रूप में क्षति नहीं पहुचायेंगे।
  • विद्यार्थी अपनी कठिनाई के लिए हिंसा आंदोलन या आतंक का मार्ग नहीं अपनायेगे। महाविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की गतिविधियॉ संचालित करना वर्जित है।
  • विद्यार्थी को यदि कठिनाई हो तो वे प्राघ्यापकों अथवा प्राचार्य के समक्ष पूर्ण अनुषासन से ष्षांतिपूर्ण प्रतिवेदन प्रस्तुत कर सकते है। यदि अतिआवष्यक हो तो संचालकों ( मैनेजमेंट) तक अपनी समस्या पहुॅचासकते हैं। महाविद्यालय द्वारा नियुक्त षिक्षक अभिभावक से सम्पर्क करें किन्तु बाहरी तत्तों, समाचार पत्रों को माध्यम न बनायें।
  • विद्यार्थी को सावधानी रखनी होगी कि किसी अनैतिक या गंभीर अपराध का अभियोग उनपर न लगे। परंतु ऐसा हुआ तो उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी।
  • परीक्षा में अनुचित साधनो का प्रयोग करने या करने का प्रयास करना या सहायक होना दुराचरण माना जायेगा एवं उचित अनुषासनात्मक कार्यवाही की जायेगी।
  • महाविद्यालय एवं छात्रावास की सीमाओं में धूम्रपान, किसी प्रकार के मादक पदार्थो का सेवन सर्वथा वर्जित हैं।

मध्य प्रदेष विष्वविघालय अधिनियम,1973 के अधीन बनाये गये अध्यादेष क्रमांक 6 के अनुसार महाविघालय नियमित विघार्थी को परीक्षा में सम्मिलित होने की पात्रता के लिए 75% उपस्थिति आवष्यक है। इस प्रावधान का पालन दृढता से किया जायेगा। उपस्थिति आवष्यक है। उपस्थिति पूरी न होने पर परीक्षा में सम्मलित होने की पात्रता नहीं होगी।

माननीय सर्वोच्चन्यायालय के आदेशदिनांक 27/11/06 संदर्भ एस एल पी 2495/06 केरल विष्वविद्यालय विरुद्ध की महाविद्यालय प्राचार्य परिषद तथा एस.एल.पी. क्र. 24296—24299/2004, डब्ल्यू.पी. (सी.आर.सी.) न.ं 173/2006 तथा एस.एल.पी. क्र.14356/2005 के अनूसार रैगिंग एक दण्डनीय अपराध है। महाविद्यालय या छात्रावास परिसर में या अन्यत्र कहीं भी रैगिंग लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है। रैगिंग के लिये दोषी विद्याथीर् का महाव़िद्यालय से निष्काषित किया जाकर उसके विरुद्ध कठोर निषेधात्मक वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। वरिष्ठ विधार्थी इसका ध्यान रखे।

दण्ड :

मध्य प्रदेष विष्वविद्यालय अधिनियम, 1973 के अधीन बनाये गये अध्यादे क्रमांक 7 की धारा क्रमांक 13 के अनुसार महाविद्यालय परिषद या बाहर अनुषासन भंग किये जाने पर दोषी विद्यार्थी के विरुद्ध निम्नानुसार दण्ड का प्रावधान है।

  • कक्षाओं से निलंबन।ब
  • महाविद्यालय से निष्कासन।
  • वि.वि. /स्वषासी परीक्षा में सम्मलित होने से रोकना।

आवश्यक सूचनायें :

  • आवेदक एवं उनके अभिभावकसेअपेक्षाहैकिविवरीणकाकोपूर्णतः पढलें।
  • विद्यार्थी अपना प्रवेष ाआवेदन फार्म स्वयं भरें एवं महाविद्यालय मेंस्वयं आकर जमा करें।
  • विद्यार्थी अपना प्रवेष षुल्क स्वय ंजमा करे ंतथा मूल प्रवेष रसीद प्राप्त करें। मूल रसीद सावधानी पूर्वक सम्हालकर रखें। प्रवेष आवेदन फार्म के साथ अपनी अंक सूचियों एवं अन्य समस्त आवष्यक प्रमाण—पत्रों की छायाप्रतियाँ अनिवार्य रुप से संलग्न करें।
  • प्रवेष के समय मूल अंकसूचियाँ तथा प्रमाण—पत्र सत्यापन हेतू प्रस्तुत करें। आवेदन फार्म के साथ संलग्न किये गये प्रमाण—पत्र के आधार पर प्रवेष अधिभार प्रदान किया जायेगा।
  • महाविद्यालय में प्रवेष के संबधी समस्त नियम व सूचनायें समय—समय पर सूचना पटल पर चस्पा दी जायेगी। विद्यार्थी नियमित रुप से अवलोकन करें।
  • आवेदन की समस्त पूर्तियाँ की जाना अनिवार्यहै। अपूर्ण आवेदन पर विचार नही किया जायेगा।
  • जाली (नकली) प्रमाण—पत्र के आधारपर/गलत जानकारी देने पर, जान बूझकर छिपाये गये प्रतिकूल तथ्यों/प्रषासकीय अथवा कार्यालयीन असावधानी वष यदि किसी आवेदक को प्रवेष मिल गया है तब ऐसे छात्र के प्रवेष को निरस्त करने का पूर्ण अधिकार प्राचार्य को होगा।
  • प्रवेष लेकर बिना किसी समूचित कारण, पूर्व अनुमति या सूचना के बिना लगातार 15 दिवस तक अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थीयों का प्रवेष निरस्त करने का पूर्ण अधिकार प्राचार्य को होगा।
  • प्रवेष के बाद सत्र के दौरान विद्यार्थी द्वारा महाविद्यालय छोड देने अथवा उसका प्रवेष निरस्त होने अथवा उसका निष्कासन किये जाने की स्थिति में विद्यार्थी को संरक्षित निधि (काँसन मनी) के अतिरिक्त अन्य कोई शुल्क वापस नही किया जायेगा।

विदेषी छात्रों को, उच्च षिक्षा विभाग एवं संबंधित विष्वविद्यालय द्वारा जारी प्रवेष नियमों के अन्तर्गत प्रवेष दिया जा सकेगा। विदेषी छात्रों के पास विदेषी बीजा, संबंधित विष्वविद्यालय द्वारा जारी पात्रता प्रमाण पत्र,पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रमाणित आवास प्रमाण पत्र एवं स्वास्थ्य अधिकारी /ंअधिष्ठाता चिकित्सा महाविद्यालय द्वारा प्रमाणित नवीनतम स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। स्वास्थ्य प्रमाण पत्र मेंस्पष्ट रुप मेंलिखा होना चाहिये कि छात्र एड्‌स बिमारी से ग्रसित नही है।